जीवन का बीमा नहीं
पू�जी बाज़ार के जगदीश परेशान हैं �क न� फ़तवे से. आख़िर रोजी-रोटी का सवाल है. सम�ा रहे हैं कि आख़िर जीवन-बीमा होता क�या है.
बह�त ही अजीब सा फतवा निकाला है उलेमाओं ने कल। म�सलमान अपने जीवन का बीमा नहीं करवा सकता। क�यों? क�योंकि जीवन तो ख�दा का दिया है और ख�दा जब चाहे उसे वापिस ले सकता है। इंसान कौन होता है अपने जीवन का बीमा करवाने वाला। अब इस तरह के फतवे निकलते रहे तो हमारे जैसे लोगों का काम धंधा चौपट ही सम�ो। तो हमने अपना फर�ज सम�ा कि सबसे पहले इस गलत फहमी को दूर किया जाये।
























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