अनूप अपने 15 साल पà¥?राने पर अà¤à¥€ à¤à¥€ जायकेदार लेख में बता रहे हैं कि चाहत कà¥?या बला है. यह हमारा इस हफ़à¥?ते का लेख à¤à¥€ है.
मन तो यह à¤à¥€ है कि पीछे इतिहास में जाकर तमाम लोगों को डांट-डपट आता। बाबर से पूछता-â€?कà¥?यों मियां सचà¥?ची-सचà¥?ची बताओ कि तà¥?मने अयोधà¥?या में कà¥?या लफड़ा किया था?â€? अगर वह कहता-â€?तौबा-तौबा मॆं à¤à¤²à¤¾ à¤?सा कैसे कर सकता हूंâ€? तो मैं उससे कहता-â€?अचà¥?छा सबेरे तक पता करके हमें ‘पà¥?टअप करो’ कि इस सबके पीछे किसके शरारत है!â€? कौशलà¥?या से पूछता कि कà¥?या उनके बड़े लडके की डिलीवरी सहीं में अयोधà¥?या में उसी जगह हà¥?यी थी जहां आज इतना लफड़ा हो रहा है! चाहत तो यह à¤à¥€ है कि कोई शाहजहां से पूछà¥?ता कि उसने मà¥?मताज की याद में जो ताजमहल बनवाया उसका ‘à¤?डमिन अपà¥?रूवल’ कहां हैं? किस नियम के तहत उसने सरकारी खजाने का इतना पैसा खरà¥?चा किया? कà¥?या मà¥?मताजमहल इसके लिये ‘इनà¥?टाइटिलà¥?ड’ थी?










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