à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आयà¥?ध निरà¥?माणियाà¤? देश की रकà¥?षा सेनाओं को आवशà¥?यक सामानों की आपूरà¥?ति करती हैं – तोप से लेकर सà¥?ई-धागे तक. कà¥?या आपको पता है कि इनà¥?हें बने 200 से अधिक वरà¥?ष हो गà¤? हैं? à¤?क विसà¥?तृत परिचय दे रहे हैं अनूप, जो वहीं काम करते हैं.
देश का सबसे पà¥?राना संसà¥?थान होने के कारण आयà¥?ध निरà¥?माणियों में तमाम काम à¤?से हà¥?ये जो देश में पहली बार हà¥?ये थे। कमà¥?पà¥?यूटराजेशन की शà¥?रà¥?आत सबसे पहले यहां ही हà¥?यी। सन 1963-64 में। सन 1988 में जब मैं आयà¥?ध निरà¥?माणी, कानपà¥?र में आया था तब देखा था कि यहां कमà¥?पà¥?यूटर पर काफ़ी कà¥?छ काम होता है। तमाम मैनेजमेंट तकनीकें यहां देश में यहां सबसे पहले लागू हà¥?यीं। मेरे देखते-देखते कà¥?वालिटी सरà¥?कल, 5-S, टी.कà¥?यू.à¤?म, बेंच मारà¥?किंग, सिकà¥?स सिगमा, आइ.à¤?स.ओ., टी.पी.à¤?म. की हवायें आयà¥?ध निरà¥?माणियों की फिजाओं में तैरती रहीं। फिलहाल आज देश की हर फैकà¥?टà¥?री को आई.à¤?स.ओ. पà¥?रमाणपतà¥?र पà¥?रापà¥?त है। कà¥?छ असà¥?पताल और पà¥?रशिकà¥?षण संसà¥?थान à¤à¥€ आई.à¤?स.ओ.पà¥?रमाणपतà¥?र पा चà¥?के हैं।










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