“कà¥?छ याद है तà¥?मà¥?â€?हें”
तà¥?म टो कर फिर देखती हो कि पैर फटता है. मैं तहा कर अख़बार रखता हूं दिल फटता है. खाने के बाद चà¥?पचाप सोचती हो तà¥?म. मैं असà¥?थिर टहलता हूं. रात कटती है. तà¥?म à¤?ाड़कर निकालती हो बाहर पेटी. बैठती हो हारमोनियम लेकर. पà¥?रण किये आज इस घर का सनà¥?â€?नाटा हर लोगी. संगीत से à¤à¤° दोगी…
अज़दक, अपने à¤?क और “मà¥?कà¥?त गदà¥?य के गलà¥?प” में
























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