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ख़�दा चले भारत की ओर

ख़�दा को भारत देखने का शौक चर�राया और वे निकल पड़े इधर की ओर. पर उन�हें भारतीयों ने हवा में ही रोक दिया है. नीचे उतरने ही नहीं दे रहे. दोनों में �गड़ा चल रहा है. ख़�दा और हिंद�स�तानियों की ग�फ़�तगू श��ब से ही स�नि�.

[ख़à¥?दा ने] अपनी खोपड़ी खà¥?जाते हà¥?à¤? फरà¥?मायाः ठीक है, यूà¤? ही आà¤?खें फाड़े देखते रहोगे कि धरती पे उतरने की इजाज़त भी दोगे? तौबा, कबसे हवा मे लटके हà¥?à¤? हैं, पाजामा का नाड़ा भी ढीला होने को आया। कैसी बदà¥?तमीज़ कौम हो, ख़à¥?दा को हवा में लटका देख रहे हो! यकीन करो कि हम तà¥?मà¥?हारे ख़à¥?दा हैं, तà¥?मà¥?हारे पालनहार। अब तो इस धरती पे क़दम रखने दो… हे डेढ़ सौ करोड की आबादियो! जिसे तà¥?म अपने दिलों मे याद करते हो, जिसकी ख़à¥?शी के लिà¤? रात को उठकर पूजापाठ करते हो, जिसके डर से तà¥?म तौबा करते हो, जिसे तà¥?म भलाई करके हम पर à¤?हसान समà¤?ते हो, जिसकी तबलीग़ मे रात दिन à¤?क मारते हो… वलà¥?लाह हम वही ख़à¥?दा हैं जिसका नाम लेकर तà¥?म दूसरों को डराते हो, ख़à¥?दा का नाम लेकर लोगों को धरà¥?मों मे बाà¤?टते हो, जिसकी क़यामत का तà¥?म इनà¥?तेज़ार करते हो – अपनी दà¥?आओं मे जिससे माल व दौलत की उमà¥?मीदें लगाà¤? बैठे हो… हाà¤? हम ही वो ख़à¥?दा-ईशà¥?वर हैं जो इस वक़à¥?त हवा मे अटके हैं।

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