ख़�शी
छ�ट�टियों के नाम पर �िक�िक से बचने
किसी रिश�तेदारी में चले जाओ
तो लोगबाग हाल-चाल बाद में पगार पहले पूछते हैं
सही बताओ तो च�च..च�च करते हैं
बढ़ाकर बताओ तो �से सोंठहो जाते हैं
कि पल à¤à¤° रà¥?कने का दिल नहीं करता।
-चंदà¥?रà¤à¥‚षण, अपनी कविता ख़à¥?शी का समय में
























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