नंदन ने लिहिलेली ही सुरेख कविता
उशीर अटल | चुकता लोकल |
जीवही विकल | संभ्रमित ||
लागते टोचणी | भिजते पापणी |
जावे का याक्षणी | तान्ह्याकडे? ||
A Little Wit. A Little Wisdom. Lots of India.
नंदन ने लिहिलेली ही सुरेख कविता
उशीर अटल | चुकता लोकल |
जीवही विकल | संभ्रमित ||
लागते टोचणी | भिजते पापणी |
जावे का याक्षणी | तान्ह्याकडे? ||
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